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Prashant Singh


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क्यों कि तुम स्त्री हो…

Posted On: 5 Apr, 2015  
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Others न्यूज़ बर्थ लोकल टिकेट में

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हाशिमपुरा तुम भारत से हार गए!

Posted On: 26 Mar, 2015  
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Others social issues न्यूज़ बर्थ में

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फूल खिलेगा या झाडू चलेगी

Posted On: 5 Feb, 2015  
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Others social issues पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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क्या यही है रामराज ?

Posted On: 10 Jan, 2015  
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Others न्यूज़ बर्थ पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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2015 के नाम एक संदेश

Posted On: 3 Jan, 2015  
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प्रधान सेवक जी, जनता जवाब मांगे..

Posted On: 24 Dec, 2014  
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नियम-कानून नहीं मानसिकता बदलनी जरूरी है

Posted On: 12 Dec, 2014  
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खयालों ही खयालों में

Posted On: 16 Nov, 2014  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

कल ही मैंने NDTV पर रवीश कुमार को हाशिमपुरा से रिपोर्टिंग करते देखा तब मुझे इस घटना और इसकी भयावता का आभास हुआ. सात ही इस देश की न्यायब्यवस्था की लाचारी से भी अवगत हुआ. यह तो साधारण लोगों की दंगों की मौत का मामला है इसी देश के रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगभग चालीस साल लग गए और जिन्हे दोषी करार दिया गया उससे मिश्रा जी के परिवार को भी आश्चर्य हुआ ...देश के सबसे बड़े दुष्कर्म के दोषी को भी आजतक जेल में हीरो बनाकर रक्खा गया है और डॉक्यूमेंट्री बनाई जा रही है ...इस देश का मालिक भगवान भी कहाँ है ..कोई नहीं जानता ...आपने एक संवेदनशील मामले पर अपनी कलम चलाकर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है. लिखते रहें..प्रिय प्रशांत जी

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